...दोस्ती कैसी होती है...

में भागीरथ में आज दोस्ती पर कहानी लिख रहा हु 
.....दोस्ती खास ....
में और मेरा दोस्त सौरभ 
हम दोनो साथ में पढ़ते थे पहली कक्षा में मुझे मिला था सौरभ जयपुर का रहने वाला था में जोधपुर का रहना वाला हु सौरभ पढ़ाई में होशियार था और खेल कूद में कमजोर और में पढ़ाई में भी कमजोर था और खेल में भी 30% था हम दोनों ने साथ में बिजनेस करने का सोचा सौरभ ने भी बोला सौरभ की में भी साथ में बिजनेस करुगा पर बिजनेस करना इतना आसान नहीं था फिर हम दोनो ने साथ में कंप्यूटर कोर्स करा और दोनो ने अकाउंटर बनना था पर सौरभ अकाउंटर में   सिलेक्शन हो गया पर मेरा सिलेक्शन नही हुआ तो उसने भी अकांउटर की नोकरी छोड़ दी मेने उसे बहुत समझाया पर वो माना नही बोला की अकाउंटर बनेंगे तो दोनो साथ में नही तो नही बनेंगे फिर उसने बोला की में कंप्यूटर अच्छी तरह से चला और हम दोनो ने ऑनलाइन पैकिंग जॉब शुरू कर दी अब हम दोनों महीना का अच्छा पैसा कमाते है दो।...
...दोस्ती हमेशा ऐसे लोगो से करो जो आपके बुरे वक्त में साथ हो अच्छे समय पर हर कोई आपका है बुरे वक्त में पता चलता है कोन अपना है कोन पराया...

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