हरिवंश राय बच्चन की लिखी कहानी से लिया गया लेख

मैं यौवन का उन्माद लिए फिरता हुं उन्मादो में अवसाद लिए फिरता हुं।  जो मुझको बाहर हंसा     
रुलाती भीतर मैं हाय किसी की याद लिए फिरता हूं। 🎀🎀❤️❤️🫀🫀

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